कर निश्चय आगे बढ़ बन्दे मेहनत का फल लेकर मान
पढ़ लिखकर ज्ञान बढा कर बन कर दिखला तू विद्वान
वही सफल हैं दुनिया में जिसने खुद को पहचाना है
अपने मन की इच्छा से करता जा तू काम महान
कोई काम ना छोटा है , ना कोई काम बड़ा होता है
ज़िसमे मन तेरा रम जाये, वो ही काम सही होता है
सबसे पहले अपने अंदर झांक कर तू देख ले
मन पागल क्या सोचता उससे भी तू पूछ ले
मन लग जाये ज़िसमे तेरा उसमे तू विद्वान बन
कोई कमी रह जाये ना तुझमे ऐसा एक सम्मान बन
विश्व विजेता वही बनेगा जिसने खुद को परखा है
मन की भट्टी को सांचे में रख कर जिसने रगड़ा है
वक़्त की कीमत बहुत बड़ी है इसको ना तू कर बरबाद
वक़्त के साथ चलते हुए कर ले खुद को तू आबाद
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