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एक बार अकेले मे मुलाकात कीजिये

                
                                                         
                            एक बार अकेले में मुलाकात कीजिये
                                                                 
                            
दिल की चाहत का एहसास कीजिये
सूखी पड़ी है दिल की जमीन मुद्दतों से यार
बनके घटाएं प्यार की बरसात कीजिए

हिलने ना पाए होंठ कह जाए सारी बात
आंखों में आंखें डालकर इजहार कीजिए
हर रोज मुलाकातें बस दिल की हो बातें
इस तरह इश्क की शुरुआत कीजिये

मीठी सी नोक झोंक की शुरुआत कीजिये
चाहत के अरमानों का इजहार कीजिये
जब सामना हो तुमसे नस्तर सा लगे दिल को
संग ज़िन्दगी जीने का आगाज कीजिये

दुनिया के रंजो गम से ना टूटना सनम जी
मैं पूरा हूँ तुम्हारा ना रहना इस भरम जी
मुश्किल भरे हालात आयेंगे ज़िन्दगी में
मिलकर करेंगे सामना हालात-ए-ज़िंदगी की

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5 वर्ष पहले

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