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दर्द बढ़ता है

                
                                                         
                            दर्द बढ़ता है तो फिर
                                                                 
                            
उसको बढ़ाना चाहिए
हो बहुत तकलीफ तो
फिर मुस्कुराना चाहिए
मुश्किलों से घबरा मत
तुझे मुश्किलें ज़ितवायेंगी
राह में आगे कदम
आगे बढ़ाना चाहिए
प्यार से बचो ज़रा
प्यार में तकलीफ है
जो प्यार हो गया है तो
दिल से निभाना चाहिए
है अगर कूवत तुममे
तो आसमान जीत लो
इरादे तेरे नेक और
मजबूत होने चाहिए
इश्क में सूरत नहीं
सीरत सनम का देखिये
दिल से दिल मिला हो तो
हरकत भी मिलनी चाहिए

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।

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5 वर्ष पहले

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