छोड नशा और जीवन जी लो
खुशियां ले लो गम को भूलो
खाओ कसम और दिल से बोलो
नशा को ना और जीवन हाँ बोलो
जीवन है अनमोल तुम्हारा
तुम इसका सम्मान करो
नशे के चंगुल मे फँस कर,
मत जीवन का बलिदान करो
धीमा धीमा ज़हर है यह ,
घर की खुशियां खा जाता है
त्याग नशे को लोगो के
चेहरे पर मुस्कान भरो
मन की चँचलता का ये
सर्वनाश कर देता है
मानव को इंसान से
जानवर कर देता है
मत फँस नशे के जाल मे
मत फँस नशे के जाल मे
चेहरे की मुस्कान को ये
मर्माहत कर देता है
जीवन की सुंदरता का
सब मिलकर गुण गान करो
जीवन का सम्मान करो
जीवन का सम्मान करो
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