बदलने को जो आ जाऊँ
बदल संसार ही रख दूँ
मोहब्बत की कहानी को
उबलता ज्वार ही कह दूँ
मैं कहता हूँ मैं पागल हूँ
पागल दिख नहीं सकता
ज़िसे मैं प्यार करता था
उसी पर मर नहीं सकता
मेरी जुम्बिश में सब कुछ है
मोहब्बत छोड़कर यारों
बदल सकता हूँ दुनिया को
खुद को तौल कर य़ारों
बहुत अंदर से टूटा हूँ
मगर बिखरा नहीं हूँ मैं
इरादे हैं बड़े मजबूत मेरे
बड़ी शिद्दत से पाला हूँ
बदलने को जो आ जाऊँ
बदल संसार ही रख दूँ
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