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औरत है चट्टान

                
                                                         
                            तू मान य़ा ना मान
                                                                 
                            
औरत है चट्टान
मन से है कोमल
ममता की पूरी खान

मन से चंचल है
वाणी मृदुल हैं
इरादे मजबूत
चट्टान जैसे हैं

ईश्वर भी जन्मे
उसकी कोख से ही हैं
संसार की सृष्टी
उसकी मोह से ही है

तू बहन भी है
तू माँ भी है
तू मन की
प्रेमसुधा भी है

तू बेटी है
तू पत्नी है
तू नारी
अप्सरा भी है

तू ज्वाला है
तू अग्नि है
संसार सृजन करने वाली
नारी तू सबला है
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2 वर्ष पहले

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