मृत्यु के शैय्या पर सबको सोना है
एक ना एक दिन ये सबपे होना है
किसी को अमरत्व का वरदान नहीं है
जीवन की असली पहचान यही है
कर्म ही मानुष की पहचान बनी है
ईश्वर के द्वारा जग की रचना हुई है
ना धर्म है, ना नाम है, बस कर्म यहां है
ईश्वर का दोषियों से, कोई मर्म नहीं है
सच का मार्ग ही जीवन का सार है
धन बल सब यहां पूरा बेकार है
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