अचानक से जीवन मे आया करार
मोहब्बत मिली है जब से दिल रहता फरार
पुछता है बातें यह दिल आसमानी परिन्दो से
कब आ मिलेगा मुझसे मेरे दिल का प्यार
जीवन को जीने का मन मेरा करता है
संग संग साथ रहने का दिल करता है
खुशियाँ हो या गम साथ मे निभायेंगे
तकलीफों को हम साथ मे मिटायेंगे
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X