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अबकी कोरोना ईद खा गया

                
                                                         
                            अबकी कोरोना ईद खा गया
                                                                 
                            
बच्चों की उम्मीद खा गया
नए कपड़े पहनने की
सबसे गले मिलने की
खूब सेवइयां खाने की
सबसे ईदी पाने की

सारी ही उम्मीद खा गया
अबकी कोरोना ईद खा गया
ना कोई त्योहार मनाए
ना नमाज अदा कर पाए
होगी बस नफिल अदा
आई कैसी है बला

सारी खुशियों को खा गया
अबकी कोरोना ईद खा गया
ज्यादा लोग फंसे इस इधर-उधर
कोई नहीं घर को जा पाया
खुशियां हैं आंखों से खाली
ईद है यह यादों वाल
बच्चों का सुख चैन खा गया
अबकी कोरोना ईद खा गया

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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