मैं दर्द की इंतहा पर हूं
मैं एक शख्स का बुलाया हुआ हूं
लोग मुझको गमगीन समझते हैं
मैं एक शख्स का सताया हुआ हूं
नहीं है मुझ पर कोई कर्जा
मैं हर रिश्ते को निभाया हुआ हूं
मैं लोगों से नहीं मिलता अक्सर
मैं एक राज को छुपाया हुआ हूं
मिस्बाह परवाह नहीं है रोशनी की
मैं एक शमा जलाया हुआ हूं...
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