आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बहन से ममता, तो भाई जिम्मेदारी निभाता है

                
                                                         
                            बहन से ममता, तो भाई जिम्मेदारी निभाता है
                                                                 
                            
संभालती हैं बहना, तो भाई दुनिया से लड़ जाता है
बहन भाई का प्यार सबको समझ थोड़ी आता है।
लड़ते झगड़ते रहते हैं छोटी सी बातों पर
पर एक दूसरे के लिए दुनिया से भी लड़ जाते हैं
हां बहन भाई का प्यार सबको समझ थोड़ी आता है।
बहन भाई का बिना मतलब का रिश्ता होता है
ईश्वर ने जो उन्हे खुश होकर बख्शा होता है
हां ईश्वर का ये आशीर्वाद सबको थोड़ी मिल पाता है।
सुनो भैया, ये रिश्ते की डोरी टूटने ना पाए
आखिरी सांस तक ये रिश्ता निभता जाए
हां ये बात समझ पाओगे ना भैया।
-मेघा रघुवंशी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर