है नारी शक्ति महान

                
                                                             
                            है नारी शक्ति महान
                                                                     
                            

ऐ नारी तू है जननी, तू है दुर्गा, तू ही लक्ष्मी और सरस्वती,
तुझ में है ब्रह्माण्ड की शक्ति सारी I
फिर क्यूँ आज भी इनको सहना पढता हर दिन इतना अत्याचार,
घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, एसिड अटैक जैसे गंभीर सामाजिक बुराईयो की क्यूँ होती शिकार।
कहते यत्र नारी पूज्यन्ते तत्र देवता रमन्ते,
पूजें जिस देवी को मन्दिर में, फ़िर क्यूँ करते उसका घर और बाहर तिरस्कार।
भूल गया इंसानियत और बन गया है आज इंसान हैवान,
पुरुषों के इस समाज में क्यूँ नारी को खोना पढ़ता बार बार अपना आत्मसम्मान,
आखिर कब तक सीता बनकर देगी ये अग्नि परिक्षा, मौन रह कर देगी लाखों बालिदानI

इतिहास गवाह है परनारी का अपमान करने पर,
रची गई रामायण और हुआ महाभारत का महासंग्राम,
ना टिक पाया जब रावण और दुर्योधन का अभिमान।
नारी की यूँ निन्दा करने वालो, मत समझो इनको तुम निर्बल,
इन में है काली और चंडी का बल,
अगर उठा लिया इसने शस्त्र, सोचो क्या होगा तुम्हारा परिणाम ।।

समझो इनकी मन की पीड़ा, अब बंद करो ये अत्याचार,
क्रांति की ज्वाला भड़क गई तोह, फिर से होगा महासंग्राम,
चीख चीख कर कहती हर नारी, दो हमको सुरक्षित सामाज,
करति हर नारी आज सिर्फ यहि एक माँग,
है नारी महान, करो इनका दिल से सम्मान,
ऐ नारी शक्ति तुम को ह्रदय से शत शत प्रणाम !!

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1 month ago
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