अपने स्कूल की गलियों में फिरता हूं मैं आज भी,
शायद अपने खोए बचपन की मुझे तलाश है।
जिम्मेदारियों ने छीना था बचपन मेरा,
शायद इस बात का मुझे अब तक मलाल है।
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