संवार के खुद को वो कत्ल का सामान करे है
यार ये तेरा झुमका ना बड़ा परेशान करे है
दानिश्वरो को कहा मयस्सर इसमे फना होना
जज्ब-ए-इश्क़ तो यारो कोई नादान करे है
बेझिझक कर गुफ्तगू मै तेरा ही मुन्तजिर हूँ
जान पहचान तो सनम कोई अंजान करे है
हमसे मिल तो बातें हमारी किया कर
तेरी मेरी बाते तो तो सारा जहाँन करे है
MD Shahabuddin
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