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भारत के वीर सपूत

                
                                                         
                            भारत माँ के वीर सपूतों ने
                                                                 
                            
इस धरती पर था जन्म लिया।
नवक्रान्ति जगा के सबके मन में,
भारत को आजाद किया।

भारत के इस लाल ने देखो,
जन जन में था जोश भरा।
सोई चेतना जगा के सबकी,
हर घर से था लाल खड़ा।

सीना तान खड़े थे आगे,
गोरों को बर्बाद किया।
#तुम-मुझे-खून-दो-मै-तुम्हे-आजादी-दूंगा।
का नारा देकर ,
भारत को सम्मान दिया।

लोह पुरुष कहलाये नेता,
प्रतिभा भी , कुटकूटकर भरी पड़ी।
गठन किया आजाद हिंद फौज का,
तब भारत की आस जगी।

वीरों की है धरा हमारी,
वीरों का है हिंदुस्तान।
नेता सुभाष, भगत, राणा जैसे वीर हैं जन्मे,
ऐसा मेरा हिंदुस्तान।


तीन रंगों में रंगा है झंडा,
हमारे देश की यही पहचान।
फक्र हमें है अपने देश पर,
ये हमारी आन ,बान, और शान ।


बारम्बार नमन हैं उनको,
भारत के थे वीर जवान ।
मातृभूमि की रक्षा हेतु ,
देश पर हो गए थे बलिदान।


धन्य है भारत की भूमि,
ऐसे निर्भीक लाल मिले ।
त्याग, समर्पण और बलिदानी के,
भारत में  गुणगान गवे ।

आओ मिलकर स्वतंत्रता दिवस पर,
महामानव का गुणगान करें।
श्रद्धा सुमन करें हम अर्पित,
फिर से उनको याद करें।
मानसी मित्तल
बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश

 
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।  आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
5 वर्ष पहले

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