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माता का आह्वान

                
                                                         
                            तेरे पावन मां नवरात्रो में मैने ज्योति मन की जलाई है ,
                                                                 
                            
लेके नाम तेरा हमने मां तेरे मंदिर को सजाया है ,
आजा मां अँखियों को तेरा इंतजार है ,
तेरी यादों में मां हमने निर बहाये है ,

जो भी द्वारे पे तेरे मां आता है ,
फिर वो खाली नहीं मां जाता है ,
तू दुर्गा है तू ही काली , तू ही खप्पर वाली है ,
तू ही अम्बे माता , तू माता हमारी है ॥

सुना सुना है जीवन मेरा मां , तू आके ममता लुटा जा
फूलों से सजाया है दरबार तेरा तू आके दरश दिखा जा ,
लगी भीड़ भक्तों की है भारी , तू आके सबकी बिगड़ी बना जा,
थाल आरती की सजाए खड़े सारे,आजा मां एक बार तो आजा

आजा मेरे प्यासे नयनो को है आस तेरी ,
आजा मां आके मुझे अपना बना जा  ,
तेरे चरणों में मां हमने शीश झुकाया है ,
आजा मां आके एक बार झलक दिखा जा ॥
-मानसी ठाकुर
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एक घंटा पहले

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