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मन का आकाश

                
                                                         
                            शीर्षक- मन का आकाश
                                                                 
                            

मन के आकाश में जब
आशा का सूरज उगता है,
तब दुःख के बादल भी
धीरे-धीरे पिघलते हैं।

हर ठोकर सिखा जाती है
चलना थोड़ा संभलकर,
हर अँधेरा बताता है
रोशनी का महत्व खुलकर।

जो आज हार सा लगता है,
वही कल की जीत बने,
विश्वास की दीपशिखा
हर हाल में जलती रहे।

जीवन एक कविता है,
हर दिन नया अर्थ लाए,
जो मुस्कुरा कर जी ले,
वही इसका रस पाए।
- मनोरंजन कुमार 
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7 महीने पहले

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