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टूटते रिश्ते

                
                                                         
                            सूत्रित क्या?
                                                                 
                            
असुत्रित क्या?
हृदय बंधे
मन मिले
बंध बंधे
रिश्ते बने
बिना धागों के
प्रेमसिक्त
स्नेहयुक्त
माया से
समस्त बने
जब-जब
आया विकार
अहंकारों का
टूटे समस्त
गांठें पड़ीं
सरलतम था, जो कभी
अब दुरूह बन गए
गए भाव
शेष रह गईं
शून्य में
सिर्फ औपचारिकताएं !!
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3 वर्ष पहले

कमेंट

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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