क्या हो जीवन का आरेख
जीवन तो है,एक रेखाचित्र संदेश
निहित है, जिनमें जीवन के सारे निहितार्थ
भरे हैं जो सूरधनू के सतरंगी रंगों से
भला कैसे विमुख हो सकेगें
जीवन की समग्र पहेली से
जीवन रेखा के रेखाचित्र
कालनूक्रम में हैं सजे हुए
कहते सत्यांश को स्वयं ही
जो जीवन में घटित हुए हैं
रेखाचित्र तो ही है,अपना
इस जीवन का भावचित्र
जो है, जीवन के दर्पण सा
जिसमें अवलोकित होता है
जीवन का आदि से अंत
जीवन है यह अनमोल अनूठा
नहीं खोना जीवन का एक भी कोना
पा जाना ही हो उद्देश्य जीवन का
जीवन के समस्त रेखाचित्र संदेशों का
जीवन के समस्त रेखाचित्र संदेशों का।।
- मनोज सिन्हा
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