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रक्षा बंधन

                
                                                         
                            न्नैसर्गिक बंधों में बंधा
                                                                 
                            
जन्म जन्मांतर का संबंध
सौहाद्र के भाव भर कर
भेज रहा है, मधुर संदेश
आ जाना बहना तुम लेकर
रेशम के प्रेम धागों में संचित कर
प्रेम श्रद्धा अपनत्व के अपरिमित रंग
बांध देना तुम सूत्र रक्षा के
मेरी कलाई है, अब तक सुनी
तेरी प्रतीक्षा में नैनो की आस है, अधूरी।।
-मनोज सिन्हा
 
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2 वर्ष पहले

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