परंपराओं से पृथक
हम हैं कहां?
प्रथाओं से युग्मित
है, ये जहां
सूत्रों से हम, आबद्ध, हैं
तिथियों में हैं, बंधे-बंधे
परंतु, तेरा-मेरा प्रेम है
बिल्कुल, असूत्र खुला-खुला सा।
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