मेरे स्मित पथ में
बसता राग- विराग
मुस्कानों से झरता
फूलों का पराग
हृदय गाता गीत
भरता सांसों में
प्रेम -स्नेह- प्रीत
भाता मन को
विरह के बदले
मिलन का भाव
बहता झरना सा
मेरे जीवन पथ में
सुनाता जीवन का
नाद- अनुनाद
हास- परिहास।
- मनोज सिन्हा
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