भाषा के बगैर
यदि चाहते हो
इज़हार करना
तब अपनी नज़रों से
मेरी आंखों में झांकना
मेरा मौन तुम्हें, सब कुछ कह देगा
तुम्हारी मुस्कानों से
सब कुछ मैं समझ जाऊंगा
सब कुछ मैं समझ जाऊंगा।
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