जीवन के पृष्ठ पर
अंकित हो नव -ललित
शब्दों की लाली
छू कर तेरे मर्म को
भर दे जो ,मृदुल सी
भावों की मधुर प्याली
जीवन तो सुख - दुःख
का संगम है, रहता सदा
जीवन के पथ पर निरंतर
कर्मों से मिटाता मानव
सुख दुःख के पथ- सुपथ का अंतर।।
- मनोज सिन्हा
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