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भावों की अभिव्यक्ति

                
                                                         
                            कुछ लिखो
                                                                 
                            
दीवाना बनकर
कुछ फ़रियाद करो
परवाना बनकर
आदत लिखने की
हुनर बातें कहने का
छोड़ो नहीं
लाओ कलम कागज़ को
साथ साथ
दोनो के मध्य समझौता है
चलने का साथ-साथ
कह रहे हो तो
लिख देता हूं
भावनाओं को
कलमबद्ध कर
भेजता हूं! तुम्हारे पास
प्रेम और सौहार्द की सौगात!!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 वर्ष पहले

कमेंट

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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