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अमर वीर बलिदानी..

                
                                                         
                            पहचान सदैव ही लोगों की अपनी
                                                                 
                            
हो,समाज में अच्छे कार्य करने की।।

ईमानदारी से कार्य करते रहें आप,
नहीं जरूरत है किसी से डरने की।।

अनगिनत बाधाएं आती रहेंगी जीवन
पथ पर, ज़ज्बा हो कुछ करने की।।

राष्ट्रहित के खातिर देना पड़े बलिदान
अगर तो नहीं डर हो कभी हमें मरने की।।

हमारे राष्ट्र के गौरवमयी अतीत को आज
तक सहेजे रखें अमर बीर बलिदानी ने।।

देश के दुश्मनों से आजाद कराए अमर
शहीदों के अनगिनत सपूत की कुर्बानी ने।।

देश में अमन चैन खुशहाल जीवन देने को
खातिर,शहीदों ने देश को आजाद कराया।।

देश की आजादी के खातिर खुद को वीरों ने
हंसते हंसते फांसी के तख्त को गले लगाया।।

पहचान सदैव लोगों की अपनी हो समाज
की खातिर कुछ अच्छा कर गुजरने की।।

सदैव करें अहिंसा पूर्वक समाज और देश
के हित में दुश्मनों से दो दो हांथ करने की।।

---एम के सिंह
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3 वर्ष पहले

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