इन शोरगुल भरी दुनिया में
बस तेरा ही आवाज सुनने की आदत है
बाकी सब अरे छोड़ो भी
समझने वालों के लिए इशारा ही काफी है
तुम तो समझदार हो तुम्हे समझने की क्या जरुरत।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X