जिंदगी के इस कभी न खत्म होने वाले रास्तें में
यूं तन्हा तुमने मुझे छोड़ा है
कई बार मैंने तुम्हें समझाया पर तुम न माने
मत छोड़ो मुझे अकेला लेकिन तुम चले गए
मुझे लगा था तुम मुझे समझोगे
लेकिन तुमने समझने की कोशिश तक नहीं की।।
हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X