आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

रास्ता और लक्ष्य

                
                                                         
                            रास्ता कठिन है
                                                                 
                            
पर मुझे आगे बढ़ते रहना है
मुश्किले और कठिनाइयां आएंगी
पर मैं तैयार हूं
वो मुझे डराएगी
पर मैं डरूंगा नहीं
पता हैं क्यों मैं रांछोर नहीं हूं
मतलब कायर नहीं हूं
मेरे पास सौर्य है
अपने मंजिल तक पहुंचने की
मेरे पास जज्बा है
अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की
और मैं अपने मंजिल तक पहुंच कर रहूंगा
अपने लक्ष्य को अपना बनाकर रहूंगा
क्योंकि मैं मैं हूं।।

हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
 
4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर