आराम करना भी चाहूं तो करना पाऊं
अभी मुझे और चलना है
मंजिल तक जो पहुंचना है।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X