खामोश है जिन्दगी
खामोश है दुनिया
पर वक्त का पहिया घूम रहा है
न जाने किस मोड़ पर रुकेगी ये जिन्दगी
क्या वहां भी हम खामोश ही होंगे
या होगी जिन्दगी की सोर सरावा
जो हमे इस खामोशी से दूर रखेगी
और देगी हमे सुकून वाली जिन्दगी।।
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