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जैसी संगत वैसी रंगत

                
                                                         
                            आदत बिगड़ा बच्चे का
                                                                 
                            
आदत बिगड़ा बच्चे का
ना मानता कोई बात है
ये मत पूछों कैसे हुआ
संस्कार(संगत) की ये बात है

जैसी संगत वैसी रंगत
ये प्रकृति का सार हैं
जैसी संगत वैसी रंगत
ये प्रकृति का सार हैं

आदत बिगड़ा बच्चे का
ना मानता कोई बात है
ये मत पूछों कैसे हुआ
संस्कार(संगत) की ये बात है

पढ़ लिखकर बच्चा इंसान कहाए
हर मां बाप का आश है
पढ़ लिखकर बच्चा इंसान कहाए
हर मां बाप का आश है
पर बच्चा बात न माने
करता मां बाप का अपमान है
कुल की मर्यादा को ये करते तार तार हैं

आदत बिगड़ा बच्चे का
ना मानता कोई बात है
ये मत पूछों कैसे हुआ
संस्कार (संगत) की ये बात है

जैसी संगत वैसी रंगत
ये प्रकृति का सार हैं
जैसी संगत वैसी रंगत
ये प्रकृति का सार हैं

आदत बिगड़ा बच्चे का
ना मानता कोई बात है
ये मत पूछों कैसे हुआ
संस्कार (संगत) की ये बात है।।।
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3 वर्ष पहले

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