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आज चाँद भी शरमाया है

                
                                                         
                            आज चाँद भी शरमाया है,
                                                                 
                            
जब तेरा हाथ मेरे हाथ आया है,
सपनों की सेज सजी है दिल में,
लगता है रब ने मिलाया है…

फूलों सी महकी तेरी हँसी,
साँसों में बसी है तेरी खुशी,
धड़कन ने ली तेरी ही सदा,
अब हर पल तू ही मन में बसी।
रंगों से भी प्यारा ये संगम,
जैसे सावन में रिमझिम सा मौसम…

तेरी नज़र में डूब जाऊँ मैं,
तेरे संग हर राह सजाऊँ मैं,
बिखरे थे जो अरमान कभी,
तेरे प्यार से उन्हें पाऊँ मैं।
जीवन की हर शाम सुनहरी,
तेरे साथ लगे ये दुनिया नई…

सपनों की डोरी जुड़ गई है,
दो दिलों की दूरी मिट गई है,
आज मिला है सच्चा साथी,
किस्मत भी जैसे हँस पड़ी है।
ये मिलन रहे यूँ ही सलामत,
रहे सदा ये प्यार इबादत…
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7 महीने पहले

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