हवाओं में समाई
फूलों की खुशबू
प्रेम रस में पगे
शब्दों की खुशबू
सावन की ठंडी
बौछार की खुशबू
नम मिट्टी से उठती
सौंधी सी खुशबू
माँ की रसोई के
पकवान की खुशबू
ममता की शीतल
छाँव की खुशबू
कण कण में बसी
जीवन की खुशबू
जितनी चाहे पा ले
तू जीवन में खुशबू।
-मं शर्मा
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