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अनगिनत अभिलाषाएं अद्भुत आकांक्षाएँ

                
                                                         
                            सिसकते कथन भीगे नयन
                                                                 
                            
पलकों की ओट से झांकते दहन

दोहरे व्यक्तित्व दोहरे चरित्र
दोहरे मापदंडों के दोहरे चलचित्र

अनगिनत अभिलाषाएं अद्भुत आकांक्षाएँ
अपूर्णताओं को ढोती जीवन की अपेक्षाएँ।
-मं शर्मा
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43 मिनट पहले

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