सिसकते कथन भीगे नयन
पलकों की ओट से झांकते दहन
दोहरे व्यक्तित्व दोहरे चरित्र
दोहरे मापदंडों के दोहरे चलचित्र
अनगिनत अभिलाषाएं अद्भुत आकांक्षाएँ
अपूर्णताओं को ढोती जीवन की अपेक्षाएँ।
-मं शर्मा
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