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फैसला महफ़िलों में सुना जाइए

                
                                                         
                            जो खता हमने की है बता जाइए
                                                                 
                            
फैसला महफ़िलों में सुना जाइए
देखना हो कहानी का किरदार असल
तो अकेले में मिलने को आ जाइए

हमनसीं हम हैं हमको रूला जाइए
आँसुओं का सबब भी छिपा जाइए
देखना हो असर रोशनी का असल
तो अँधेरों में दीपक जला जाइए
-मंजू
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54 मिनट पहले

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