जो खता हमने की है बता जाइए
फैसला महफ़िलों में सुना जाइए
देखना हो कहानी का किरदार असल
तो अकेले में मिलने को आ जाइए
हमनसीं हम हैं हमको रूला जाइए
आँसुओं का सबब भी छिपा जाइए
देखना हो असर रोशनी का असल
तो अँधेरों में दीपक जला जाइए
-मंजू
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