दस्तक मत देना तुम दिल के दरवाजे पर
लौट रहा हूँ मैं, खड़े रहना दरवाजे पर
कहीं किसी आहट से चौकन्ना सबेरा
सूरज बेटा मुंह धो रहा है दरवाजे पर
शोरगुल में कहीं खो गया दोपहर हमारा
धूप हवा अंदर आने हैं तेरे दरवाजे पर
डूब रहा मैदान समुन्दर पहाड़ के पीछे
रात से बहस जारी है मेरे दरवाजे पर
पत्तों वाली टहनियां बहाना ढूंढ रही हैं
मत रखना पहरेदार बंद दरवाजे पर
- मनीष यादव
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