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स्त्री चरित

                
                                                         
                            स्त्री चरित्र, बड़ी जटिल है,
                                                                 
                            
ज्ञानी खाये, मात,

बड़ी, कुशलता से, करे,
बड़े, से बड़ा, आघात!

चक्रव्यूःह है, काँटों का,
फूल नही, पारिजात!!

एक बार जो, फंस जावे,
निकस न पावे, हे! तात!

देव, मनुज की विद्या को,
सदा ही देती, मात!

जो जानन का दंभ भरे,
वो निकले, नवजात!!
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2 महीने पहले

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