प्रेमियों के हाथ नहीं, आती,
बुजुर्गों को ये, बड़ी सताती!
इसके बिना मन रहता है, खिन्न
व्यर्थ सा लगता,जीवन, इस बिन!
खाली उदर, छिटक सी जाती,
पीछा करो, बिंदक सी, जाती!
धन, दौलत हो जिनके पास,
उनको आती कभी ना, रास!
चित अशांत संग खेला करती,
रात में आंख मिचौली!
कभी कभी तो खानी पड़ती,
इसके लिए, भी गोली!
विह्वल हृदय, विकृत मुखारविंद,
जब नहीं आती रात्रि में, नींद!
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