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जीवन दर्शन

                
                                                         
                            सब्र करो तो, फल मिलता है!
                                                                 
                            
आज जरूरत, कल मिलता है!

सारा जीवन, कंठ रहे, सुखा!
अंत समय मे, जल मिलता है!

पथ के अनुगामी बतलाते,
राह कहाँ, समतल मिलता है!

विचरण करो जब, उन रास्तो पर,
कदम, कदम पर, छल मिलता है!

जीवन है, एक कठिन, साधना!
सिद्ध मनुज को, सकल, मिलता है!!

जो है, सुगम, जिसकी हो गाथा!
उन रस्ते मे, दलदल मिलता है!

जो है, कायर, जो है, कर्तव्यच्युत!
मृत्यु उसको, हर पल, मिलता है!

जो तृष्णा, और इर्ष्या से भरे हो!
हृदय मे उनके, अनल पलता है!

जो संयम,सदाचार, अपनाता!
अंतः उसके, कमल खिलता है!
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6 महीने पहले

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