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इंसा बड़ा नादान है

                
                                                         
                            इंसा बड़ा, नादान है!
                                                                 
                            
समय बड़ा, बलवान है!

जिस संग होती, गहरी, प्रीति!
वो ही, मृत्यु का समान है!

मिथ्या जीवन, कोई नही समझे,
ये सबसे बड़ा, अज्ञान है!

जटिल बड़ा है, कुछ भी पाना,
खोना बड़ा, आसान है!

मै और तुम से उपर, हम है,
अपना यही, अहवान है!!

दर, दर भटके, चैन न मिलता,
सुकूँ भरा, बस मकान है!

चक्र व्यूह है, दौलत, शोहरत,
फंसी नशे मे, जान है!

मृदुल मनीष "की अपनी दुनिया,
जहाँ हर प्राणी का, सम्मान है!!!
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3 महीने पहले

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