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बेजार हूँ, मै!

                
                                                         
                            अपनो के लिए, जरूरत का औजार हूँ, मै!
                                                                 
                            
परायों के लिए, मुफलिसी का शिकार हूँ, मै!

जिसको लूटना हो, लूट ले मुझको!
दुनिया वालों से,बड़ा बेजार हूँ, मै!

जो बे आसरे, भटकते है, सड़को पर!
उनके लिए, सारा संसार हूँ, मै!

फकीर तबियत से, मगर दिल है, बादशाह!
सुनी बस्ती मे, भरा बाजार हूँ, मै!

इल्म ऐसी है, की आदत नही, छुटेगी!
दिलो, दिमाग की, अलहदा, तकरार हूँ, मै!

मुस्कुराहट पे किसी के, फिदा हो जाता हूँ!
लोग कहते है, की, इश्क़ का दागदार हूँ, मै!

चंद लम्हो मे जी जाता हु, मै सदियाँ!
कुछ चुनें, लम्हों का, कलाकार हूँ, मै!

जो हाशिये पे लाश बने, बैठे है!
मरते रूहों के लिए, आखिरी, आसार हूँ, मै!
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10 महीने पहले

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