जिसने भी दिया कतरा साथ हमारा ,,
रही, जिंदगी तो पूरा समंदर लौटाएंगे...!!
जरूरत पडी, उसको, कभी हमारी!
हम, उसके लिए, जान पे, खेल, जाएंगे!
हमारी दोस्ती, मशहुर, है, ज़माने मे,
दोस्ती के लिए, अपना, वजूद भी, मिटाएंगे!
हम जो है, वो तुम हो; तुम जो हो, वो मै हूँ!
हम और तुम मिलके, एक नया जहाँ, बसायेंगे!
हम शायरों की तबियत, नाज़ुक मिजाज है!
करीब कभी आइये, आप भी, जान जाएंगे!
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