नभ में लाल गुलाब सी लालिमा है छा आई,
देखो देखो मनमोहक वसंत पंचमी है आई।
हवा सरसों गुड़हल गुलाब की खुशबू में मैं महक गई,
तोता मोर कोयल के मधुर स्वर के संगीत में रंग गई।
धरती की बहार के साथ विवाह की हल्दी आ गई,
स्वागत करने हरदी का रंग बिरंगी पतंगें आ गई।
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