उम्र रहते इंसान संभलता नहीं,
वक्त रहते कुछ करता नहीं,
निकल जाए वक्त फिर हाथ कुछ आता नहीं,
पछतावे के सिवा कुछ रह जाता नहीं।
अंबर धरती सब कहते जब तक तुम्हारी हस्ती,
जीवन के अनमोल क्षणों से चुरा लो थोड़ी मस्ती,
हंसना ही जीवन का सार,
मुस्कुराना स्वस्थ शरीर का आधार।
समय पर कर ले अपना काम,
सुकून चैन मिलेगा अपार
जीवन ऐसे जियें जैसे,
रोज हो त्योहार।
खुब मनाएं उत्साह,
जीवन के कठिन से कठिन परीक्षा,
के लिए रहे हमेशा तैयार,
हिम्मत के बदौलत हो जाएंगे पास,
रखे खुद पर और ख़ुदा पर विश्वास।
यही सबसे बड़ा प्रकाश स्रोत,
यहीं आत्मा का ज्योत,
यहीं अनुपम जीवन का रहस्य
यही उन्नति का सबसे बढ़िया स्रोत।।
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