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यही अभिलाषा है:......

                
                                                         
                            दीप बन उजाला करूँ
                                                                 
                            
दिल में है किसी का भला करूँ

विचार,व्यवहार निर्मल रखूँ
सबके सपने साकार करूँ

मन में मर्म का भाव रखूँ
नफरत का अभाव रखूँ

प्रेम ही पहला धर्म हो
हर तरफ चैन अमन हो

ईर्ष्या द्वेष से दूर रहें
कभी ना हम मगरुर रहें

मन में यही लालसा है…
हमारी यही अभिलाषा है।।

-ममता तिवारी
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2 महीने पहले

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