उम्मीदों का दिया जलाए रखना,बुझने मत देना,
हौसलों का तेल डालते रहना, धैर्य मत खोना।
किस्मत भी संवर जाती है,मेहनत का तोहफा देना।
ईश्वर भी सोच में पड़ जाए,अटूट भरोसा का सौगातदेना।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X