उलझनों में जिंदगी है कि
जिंदगी में उलझन है यही समझने में,
सारी उम्र निकल जाती है।
और अंततः निष्कर्ष निकलता है कि
उलझने सुलझाते रहना ही जिंदगी है।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X