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तोड़ देती दुनिया

                
                                                         
                            तोड़ देती दुनिया मां संभाल लेती,
                                                                 
                            
अपने धड़कनों में हमें बसा लेती
कौन करेगा उतना जितना मां प्यार करती,
अपनी ममता से हमारी झोली भरती।

क्या-क्या न वह हमारे लिए करती,
देख उनका प्यार खुदा भी पीछे हट जाते
कहां है इतना प्यार जो हम लूटाते,
मां के आगे खुदा भी हारे।

शायद मैं उतना दे नहीं सकता प्यार,
इसलिए मैं मां के रूप में लिया अवतार।

हर घर में होगी एक मां,
सभी बच्चों की सुनेगी मां।

सृष्टि में मां सबसे जरूरी,
सुला देती सुना के लोरी।

भगवान भी मां के दुलारे,
ईश्वर भी मां मां पुकारे।

जीत जाना दुनिया के आगे,
मां के आगे हार जाना
छुपा लेना व्यथा दुनिया से,
मां के आगे सुना देना।
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7 महीने पहले

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