शब्दों के चमक से रौशन है मेरी दुनिया
ख्वाबों में भी मेरे ख़्वाबों को सजाते हैं
लोग चांद तारों की ख्वाहिश रखते हैं…
हम शब्दों में ही अपनी दुनिया तलाशते हैं।।
-ममता तिवारी
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